प्रेरणा (Motivation) JTET Notes in Hindi 2026 | मैस्लो, हर्जबर्ग, मैक्लेलैंड सिद्धान्त + 12 MCQ
📚 JHARKHAND JTET | बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र
प्रेरणा (Motivation) — सम्पूर्ण नोट्स
उदाहरण + MCQ सहित | JTET 2025
✅ JTET Paper I & II | हिंदी माध्यम | परीक्षा केंद्रित | 12 MCQ with Answers
📋 विषय-सूची (Table of Contents)
Motivation शब्द लैटिन भाषा के "Movere" से बना है, जिसका अर्थ है — "गति देना" या "चलाना"। प्रेरणा वह आंतरिक शक्ति है जो व्यक्ति को किसी लक्ष्य की ओर क्रियाशील बनाती है।
📌 वुडवर्थ (Woodworth): "प्रेरणा व्यक्ति की वह अवस्था है जो उसे एक निश्चित लक्ष्य की ओर व्यवहार करने के लिए तैयार करती है।"
📌 गेट्स एवं अन्य (Gates et al.): "प्रेरणा किसी कार्य को प्रारम्भ करने, जारी रखने तथा निर्देशित करने की प्रक्रिया है।"
📌 मैक्डूगल (McDougall): "प्रेरणा वह आंतरिक मनोवैज्ञानिक शक्ति है जो जीव को लक्ष्य प्राप्ति की ओर सक्रिय करती है।"
📌 स्किनर (Skinner): "अधिगम में प्रेरणा वह प्रक्रिया है जो सीखने की क्रिया को उत्तेजित, निर्देशित और बनाए रखती है।"
अनुज को क्रिकेटर बनना है। इसलिए वह रोज सुबह 4 बजे उठकर अभ्यास करता है, थकान होने पर भी नहीं रुकता। यह आंतरिक प्रेरणा है। वहीं, रिया परीक्षा में छात्रवृत्ति पाने के लिए खूब पढ़ती है — यह बाह्य प्रेरणा का उदाहरण है।
📌 प्रेरणा के तीन मुख्य तत्व:
1️⃣ आवश्यकता (Need) — किसी वस्तु या स्थिति की कमी महसूस होना
2️⃣ चालक (Drive) — आवश्यकता से उत्पन्न तनाव जो व्यक्ति को क्रियाशील बनाता है
3️⃣ प्रोत्साहन (Incentive) — लक्ष्य या पुरस्कार जो व्यक्ति को आकर्षित करता है
🔄 प्रेरणा चक्र (Motivation Cycle):
आवश्यकता (Need) → तनाव (Tension) → चालक (Drive) → लक्ष्योन्मुख व्यवहार (Goal-directed Behaviour) → लक्ष्य प्राप्ति (Goal Achievement) → संतुष्टि (Satisfaction) → नई आवश्यकता (New Need)
🟢 आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation)
- व्यक्ति के भीतर से उत्पन्न होती है
- स्वयं के आनंद, जिज्ञासा, संतुष्टि से
- अधिक टिकाऊ और प्रभावशाली
- बाहरी पुरस्कार की आवश्यकता नहीं
- उदाहरण: पुस्तक पढ़ने में स्वयं आनंद आना
- उदाहरण: कला बनाना क्योंकि अच्छा लगता है
🟠 बाह्य प्रेरणा (Extrinsic Motivation)
- व्यक्ति के बाहर से उत्पन्न होती है
- पुरस्कार, प्रशंसा, दंड, प्रतिष्ठा से
- कम टिकाऊ — पुरस्कार हटने पर कम होती है
- बाहरी प्रोत्साहन पर निर्भर
- उदाहरण: छात्रवृत्ति के लिए पढ़ाई करना
- उदाहरण: प्रशंसा के लिए कक्षा में अच्छा व्यवहार
जैविक प्रेरणा (Biological)
शारीरिक आवश्यकताओं से उत्पन्न — जन्मजात और सार्वभौमिक।
मनोवैज्ञानिक प्रेरणा (Psychological)
मानसिक आवश्यकताओं से — प्रेम, सम्मान, उपलब्धि की इच्छा।
सामाजिक प्रेरणा (Social)
समाज में स्वीकृति, प्रतिष्ठा और स्थान पाने की इच्छा।
उपलब्धि प्रेरणा (Achievement)
उच्च मानक स्थापित करने और उत्कृष्टता पाने की इच्छा।
📌 मैस्लो (1943) ने मानव आवश्यकताओं को 5 स्तरों में बाँटा। उनका मानना था कि नीचे की आवश्यकता पूरी होने पर ही ऊपर की आवश्यकता प्रेरक बनती है।
🏫 शिक्षा में महत्व: यदि बालक भूखा है (Physiological needs अधूरी) तो वह कक्षा में ध्यान नहीं दे सकता। इसलिए शिक्षक को पहले निचली आवश्यकताएँ सुनिश्चित करनी चाहिए।
📌 हर्जबर्ग ने कहा — प्रेरणा दो अलग-अलग प्रकार के कारकों से आती है। असंतोष दूर करने से प्रेरणा नहीं मिलती — इसके लिए अलग कारक चाहिए।
🔵 स्वच्छता कारक (Hygiene Factors)
ये असंतोष दूर करते हैं — लेकिन प्रेरणा नहीं देते
- वेतन एवं भत्ते
- कार्य दशाएँ
- सुरक्षा
- पर्यवेक्षण की गुणवत्ता
- नीतियाँ और नियम
🟣 प्रेरक कारक (Motivator Factors)
ये संतुष्टि और प्रेरणा देते हैं
- उपलब्धि (Achievement)
- मान्यता (Recognition)
- कार्य की प्रकृति
- उत्तरदायित्व
- उन्नति के अवसर
🏫 शिक्षा में उदाहरण: अच्छी school building और वेतन (Hygiene) देने मात्र से शिक्षक प्रेरित नहीं होंगे। उन्हें कार्य में संतुष्टि, प्रशंसा और उन्नति के अवसर (Motivators) चाहिए।
📌 मैक्लेलैंड (McClelland) के अनुसार: उपलब्धि की आवश्यकता (Need for Achievement — nAch) ही किसी व्यक्ति को श्रेष्ठ कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।
🎯 डेसी और रायन (Deci & Ryan) का महत्वपूर्ण निष्कर्ष: यदि किसी बच्चे को किसी कार्य के लिए जो वह स्वयं करना चाहता था, बाह्य पुरस्कार देने लगें — तो उसकी आंतरिक प्रेरणा कम हो सकती है। इसे Overjustification Effect कहते हैं।
🔑 JTET के लिए याद रखें: प्रेरणा = आवश्यकता + चालक + प्रोत्साहन | मैस्लो का सिद्धान्त "Deficiency Theory" और "Growth Theory" दोनों को मिलाता है। आत्म-वास्तविकता "Growth Need" है, बाकी सब "Deficiency Needs" हैं।
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💡 JTET परीक्षा के लिए अतिमहत्वपूर्ण बिंदु — प्रेरणा
- Motivation शब्द — लैटिन "Movere" से, अर्थ: गति देना।
- मैस्लो — 5 स्तरीय पदानुक्रम; आत्म-वास्तविकता सर्वोच्च।
- हर्जबर्ग — Hygiene factors असंतोष दूर करते हैं; Motivators प्रेरणा देते हैं।
- मैक्लेलैंड — nAch, nAff, nPow तीन आवश्यकताएँ।
- Overjustification Effect — बाह्य पुरस्कार से आंतरिक प्रेरणा कम होना (Deci & Ryan)।
- वूम का सिद्धान्त — Expectancy Theory; प्रेरणा = E × I × V।
- आंतरिक प्रेरणा अधिक टिकाऊ और प्रभावशाली होती है — कक्षा में इसे बढ़ावा दें।
- प्रेरणा चक्र — Need → Tension → Drive → Goal-directed Behaviour → Satisfaction।


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